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रांची: धार्मिक लाइनों से शपथग्रहण की शुरुआत… मंत्री हफीजुल हसन के खिलाफ राज्यपाल के पास पहुंची BJP

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झारखंड (Jharkhand) की हेमंत सोरेन सरकार का कैबिनेट विस्तार हुआ. इस दौरान मंत्री हफीजुल हसन ने शपथ के दौरान धार्मिक पंक्ति से शुरुआत की. इस पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताई है. बीजेपी के मुख्य सचेतक विर्णाची नारायण और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी ने इसके खिलाफ राजभवन जाकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने हफीजुल को दोबारा शपथ दिलवाने की मांग की है. तब तक मंत्री पद से हफीजुल को हटाने की मांग भी की है.

झारखंड बीजेपी के चुनाव सह प्रभारी हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पोस्ट करते हुए नाराजगी जताई और पूछा कि क्या ये शपथ लेने का सही तरीका है.

बीजेपी के मुख्य सचेतक विर्णाची नारायण ने आजतक से फोन पर बातचीत में बताया कि ये नई परिपाटी संविधान के खिलाफ है. ये आजादी जरूर है कि शपथ किसी भारतीय भाषा में ली जा सकती है लेकिन वो सिर्फ मूल शपथ का अनुवाद हो सकता है. जो राज्यपाल द्वारा लिखित दी जाती है, उसे ही पढ़ना होता है. न कोई पंक्ति जोड़ी जा सकती है और न ही खुद से हटाई जा सकती है.

झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी और मुख्य सचेतक बिरंचि नारायण ने सोमवार को झारखंड के राज्यपाल से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा. इस ज्ञापन में उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन ने अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार किया. पद और गोपनीयता की शपथ के दौरान मधुपुर के विधायक हफिजुद्दीन अंसारी ने जिस तरह से आपके शपथ की कॉल के बाद धार्मिक पंक्ति के साथ शुरुआत की, वह गैर-संवैधानिक थी. उन्हें फिर से शपथ दिलाएं रऔ तब तक उन्हें मंत्री पद से मुक्त माना जाए.

राज्यपाल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के ज्ञापन पर न्याय संगत कार्रवाई की जाएगी.

हफीजुल के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची बीजेपी

बीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल विधि प्रकोष्ठ सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व मे चुनाव आयोग पहुंचकर हफीजुल अंसारी की सदस्यता रद्द करने की मांग की है. सुधीर श्रीवास्तव ने कहा, “जिस तरह असंवैधानिक तरीके से हफीजुल अंसारी ने मंत्री पद की शपथ ली, न तो वे अभी तक मंत्री हैं, न ही वो कोई आदेश जारी कर सकते हैं. शपथ का नियम है कि वो अंग्रेजी, हिंदी या किसी भारतीय भाषा में होनी चाहिए लेकिन उन्होंने भारतीय भाषा का प्रयोग नहीं किया.”

सुधीर श्रीवास्तव ने आगे कहा कि जब शपथ ही असंवैधानिक हो गया तो मंत्री को सदन में बोलने का अधिकार नहीं है और न ही वेतन की सुविधा ही मिलेगी. इसके अलावा मंत्री के तौर पर वे कोई फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर पाएंगे.



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Syed Sajjad Husain

मैं Syed Sajjad Husain अकोला शहर से इस न्यूज़ वेबसाइट का फाउंडर हूँ. मैं पिछले 5 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्यरत हूँ. मैं इस न्यूज़ वेबसाइट पोर्टल पर Akola News, Latest News, Breaking News, Crime News जगत से जुड़ी खबरें तथा हर प्रकार की खबर निष्पक्षता के साथ आप तक इसे पहुँचाने में सक्षम हूँ.

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