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‘PAK बनने में उनके पिता का बड़ा योगदान’ सुनते ही जावेद अख्तर ने ट्रोल्स को दिया जवाब, बताया परदादा का इत‍िहास

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गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने ‘शोले’, ‘दीवार’ और ‘जंजीर’ जैसी कई आइकॉनिक फिल्में लिखी हैं. बॉलीवुड को दशकों अपने काम से एक से बढ़कर एक फिल्में और गाने दे चुके जावेद अख्तर हाल ही में सोशल मीडिया पर काफी भड़के हुए नजर आए. 

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने जावेद को उनके एक मजाकिया पोस्ट पर ट्रोल करना शुरू किया और उनके पिता की देशभक्ति पर सवाल कर दिया. जावेद अख्तर ने इस यूजर को पूरी गर्मी के साथ जवाब देने में कोई कमी नहीं छोड़ी. 

जावेद अख्तर ने यूएस इलेक्शन पर किया था पोस्ट 
अमेरिका के इलेक्शन पर एक मजाकिया पोस्ट करते हुए जावेद ने लिखा था, ‘मैं अपनी आखिरी सांस तक भारत का एक प्राउड सिटिजन हूं और हमेशा रहूंगा, लेकिन जो बाईडेन और मुझमें एक कॉमन फैक्ट है. यूएसए का अगला राष्ट्रपति बनने का हमारा चांस एकदम बराबर है.’ 

क्रेडिट: सोशल मीडिया

लेकिन इस पोस्ट का माहौल एक यूजर के कमेंट के बाद गड़बड़ हुआ जिसमें उसने जावेद साहब के धर्म को टारगेट करते हुए लिखा कि ‘पाकिस्तान बनने में उनके पिता का बड़ा योगदान’ था. इस यूजर ने हद पार करते हुए जावेद अख्तर को ‘गद्दार का बेटा’ तक कह दिया. 

जावेद अख्तर ने भड़कते हुए दिया कड़ा जवाब 
इस यूजर को ‘पूरी तरह बेवकूफ’ कहते हुए, उसे अपने खानदान की विरासत याद दिला दी. उन्होंने लिखा, ‘मुझे नहीं पता तुम बिल्कुल अज्ञानी को या पूरी तरह बेवकूफ. 1857 से मेरा परिवार स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा रहा है और जेल और काला पानी जा चुका है, पूरी संभावना है कि शायद तब तुम्हारे बाप-दादा अंग्रेज सरकार के जूते चाटते रहे हों.’ 

क्रेडिट: सोशल मीडिया

ये बात यहीं नहीं रुकी, एक दूसरे यूजर ने इस कन्वर्सेशन के बीच कूदते हुए जावेद अख्तर से सवाल किया कि उनके कौन से पूर्वज स्वतंत्रता संग्राम में लड़ते हुए काला पानी गए थे? इसके जवाब में जावेद अख्तर ने लिखा, ‘मेरे परदादा फजले हक खैराबादी को 1859 में कोलकाता से, फायर क्वीन नाम के एक जहाज से अंडमान भेजा गया था. वहां उन्होंने एक किताब लिखी थी ‘बागी हिंदुस्तान’. अब इसे इंग्लिश में ट्रांसलेट किया जा रहा है. उनकी कब्र अंडमान में है. उनके बारे में गूगल कर लीजिए.’

बता दें, जावेद अख्तर के पिता जां निसार अख्तर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गीतकार और उर्दू कवि थे. वो प्रोग्रेसिव राइटर्स मूवमेंट का भी हिस्सा रहे थे. जावेद के परदादा, फजले हक को अंडमान आइलैंड में उम्रकैद की सजा दी गई थी, जहां वो 22 महीने रहे थे.  

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Syed Sajjad Husain

मैं Syed Sajjad Husain अकोला शहर से इस न्यूज़ वेबसाइट का फाउंडर हूँ. मैं पिछले 5 सालों से पत्रकारिता क्षेत्र में कार्यरत हूँ. मैं इस न्यूज़ वेबसाइट पोर्टल पर Akola News, Latest News, Breaking News, Crime News जगत से जुड़ी खबरें तथा हर प्रकार की खबर निष्पक्षता के साथ आप तक इसे पहुँचाने में सक्षम हूँ.

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